Pradhan mantri jeevan jyoti beema

मेरी माता स्व: फूलवती का खाता सिंडिकेट बैंक की शाखा चंदौसी जनपद संभल में है। मम्मी ने अपने खाते पर प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा लिया था। और उत्तराधिकारी के रूप में अपने सगे पुत्र सिंटू यानि मुझे दर्शाया था. जिसकी पहली किश्त दिनांक 06 /07 /2015 को बैंक द्वारा काट ली गयी थी। तत्पश्चात मैंने माता का दिनांक 07 /11 /2015 को देहांत हो गया। माता के देहांत के पश्चात मैंने बीमा के लाभ के लिए दिनांक 11 /01 /2016 बैंक से संपर्क कर सभी जरुरी दस्ताबेज जमा कराये। बैंक दवारा पुनः मुझसे दिनांक 30 /03 /2016 को मूल पासबुक के साथ दस्ताबेज जमा कराये। इसके बाद मैं बैंक से लगातार संपर्क करता रहा। किन्तु मेरा आवेदन बैंक द्वारा यह कहकर अस्वीकार कर दिया की बीमा करते समय स्व: फूलवती की आयु निश्चित आयु से छः माह अधिक थी। इस सन्दर्भ में मैंने ने अपने स्तर से बैंक से लगातार संपर्क करते हुए विभिन्न माधयमो से उचित कारण जानना चाहा जो इस प्रकार है. …… 1 . जन सूचना अधिकार के माध्यम से आवेदन कर बैंक से जानना चाहा की यदि बीमा करते समय फूलवती की आयु अधिक थी. तब किस आधार पर बीमा किया गया और किस आधार पर बीमित व्यक्ति के खाते से बीमा की राशि काटी ली गयी। इस पर बैंक द्वारा प्रार्थी का आवेदन अस्वीकार करते हुए कहा गया की स्व: फूलवती ने प्रार्थी को खाते में अपना उत्तराधिकारी के रूप में घोषित नहीं किया था। इसलिए प्रार्थी को इससे सम्वन्धित जानकारी नहीं दी जा सकती। 2 . तत्पश्चात जन सूचना अधिकार के प्रथम आवेदन के माध्यम से प्रार्थी ने बैंक से जानना चाहा की प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा बिना उत्तराधिकारी की घोषणा किये करना कैसे संभव है. यदि है तब इससे सम्बंधित नियम का उल्लेख करे. प्रार्थी का यह भी आवेदन बैंक द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। इस सन्दर्भ में मैंने बकील के माध्यम से उपभोक्ता फोरम में भी याचिका दायर की किन्तु एक वर्ष होने जा रहा लेकिन अबतक मुझे कोई संतोषजनक जवाब मिला है बकील से पूछने पर जवाब मिलता है की आपका केस चल रहा है। अतः आपसे अनुरोध है की इस केस में यदि कुछ हो सकता है तो मुझे संपर्क करने की कृपा करे. इससे सम्वन्धित सभी दस्ताबेज मेरे पास है